छत्तीसगढ़ - II


~ छत्तीसगढ़ का दूसरा विमानतल रायगढ़ में बनेगा 
रायपुर से अन्तर्राष्ट्रीय उड़ानों की शुरूआत होते ही राज्य सरकार एयर फ्यूल पर टैक्स पांच प्रतिशत से घटाकर एक प्रतिशत कर देगी: डॉ. रमन सिंह

माना के पुराने विमानतल का इस्तेमाल कार्गो उड़ानों के लिए करने का प्रस्ताव

स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा लगेगी नये टर्मिनल परिसर में


मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि राजधानी रायपुर के माना स्थित स्वामी विवेकानंद विमानतल से जिस दिन अन्तर्राष्ट्रीय उड़ाने शुरू हो जाएंगी, छत्तीसगढ़ सरकार हवाई ईंधन पर वर्तमान में प्रचलित वाणिज्यिक कर को पांच प्रतिशत से घटाकर सिर्फ एक प्रतिशत कर देगी। मुख्यमंत्री कल रात यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष श्री व्ही.के. अग्रवाल को इस विमानतल को अन्तर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए विकसित करने के उद्देश्य से 350 एकड़ निःशुल्क जमीन का कब्जा सौंपते हुए इस आशय के विचार व्यक्त किए।
   इस अवसर पर मुख्यमंत्री और विमानन विभाग के प्रभारी डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के जिला मुख्यालय रायगढ़ में 280 करोड़ रूपए की लागत से विमानतल निर्माण के लिए भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण (एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया) और प्रदेश सरकार के विमानन विभाग के बीच एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर किए गए। राज्य सरकार की ओर से विमान सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से उनके अध्यक्ष श्री व्ही.के अग्रवाल ने हस्ताक्षर किए। यह देश में घरेलू उड़ानों के लिए छत्तीसगढ़ का दूसरा विमानतल होगा। राज्य सरकार ने इसके लिए प्राधिकरण को मात्र एक रूपए की दर पर भूमि देने का निर्णय लिया है। 
   उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एम.ओ.यू. के बाद अब रायगढ़ में विमानतल का निर्माण जल्द शुरू होगा। इस नये विमानतल का निर्माण लगभग 592 एकड़ के रकबे में दो चरणों में किया जाएगा, जिस पर लगभग 280 करोड़ रूपए की लागत अनुमानित है। राज्य के इस नये एयरपोर्ट का विकास तीन वर्ष के समयबद्ध कार्यक्रम के तहत दो चरणों में किया जाएगा। प्रथम चरण में वहां 1870 मीटर लम्बा और 45 मीटर चौड़ा तथा दूसरे चरण में 2000 मीटर लम्बा और 45 मीटर चौड़ा रनवे बनाया जाएगा। प्रथम चरण में वहां 64 से 74 सीटों वाले और दूसरे चरण में 138 से 179 सीटों वाले विमानों की उड़ान हो सकेगी। इस नये एयरपोर्ट के विकास में प्रथम चरण में 120 करोड़ रूपए और दूसरे चरण में 160 करोड़ रूपए की लागत अनुमानित है।

   वर्तमान विमानतल में घरेलू उड़ानों के जरिए दिल्ली, मुम्बई आदि महानगरों के साथ छत्तीसगढ़ का हवाई यातायात सम्पर्क भी विकसित हुआ है, लेकिन अब हमें राज्य के किसानों और उद्योगपतियों को उनके उत्पादन के बेहतर व्यापार के लिए भी राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय उड़ानों की जरूरत महसूस हो रही है। इसे देखते हुए रायपुर के इस एयरपोर्ट में अन्तर्राष्ट्रीय उड़ाने भी जल्द शुरू होनी चाहिए। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने कुछ वर्ष पहले एयर फ्यूल पर वाणिज्यिक कर को 25 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत किया था। इसके फलस्वरूप रायपुर से आने-जाने वाली उड़ानों की संख्या बड़ी है और एयर फ्यूल की बिक्री भी बढ़ी है। केन्द्रीय नागरिक विमानन मंत्रालय ने भी छत्तीसगढ़ सरकार के इस कदम की प्रशंसा करते हुए इसे अन्य राज्यों के लिए उपयोगी बताया है।  मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट प्राधिकरण के अध्यक्ष और अधिकारियों को विश्वास दिलाया कि जिस दिन रायपुर से अन्तर्राष्ट्रीय उड़ाने शुरू होंगी, उसी दिन छत्तीसगढ़ सरकार एयर फ्यूल पर वर्तमान में प्रचलित पांच प्रतिशत वाणिज्यिक-कर को घटाकर एक प्रतिशत कर देगी।
   मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विगत राज्योत्सव 2012 के दौरान आयोजित ग्लोबल इंवेस्टर्स मीट के बाद राज्य में पूंजी निवेश के लिए एक सकारात्मक वातावरण का निर्माण हुआ है। ग्लोबल इंवेस्टर्स मीट के बाद इसे गति देने के लिए इस प्रकार के एम.ओ.यू. की जरूरत महसूस की जा रही थी, जिससे छत्तीसगढ़ में विमान सेवाओं का विस्तार हो सके।
   
श्री एन. बैजेन्द्र कुमार ने भी नया रायपुर के विकास संभावनाओं को देखते हुए माना विमानतल के विस्तार के लिए राज्य सरकार की कार्य योजना पर प्रकाश डाला। इस मौके पर मुख्यमंत्री के साथ भारतीय विमानतल प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री अग्रवाल और उनके अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ की अन्य हवाई पट्टियों के विकास और उनमें घरेलू उड़ानों की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया। 
   राज्य सरकार ने केन्द्रीय उड्यन मंत्रालय से अम्बिकापुर, जगदलपुर, बिलासपुर के वर्तमान विमानतलों को और ज्यादा विकसित करने का आग्रह किया है। प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री अग्रवाल ने बताया कि बिलासपुर को देश के उन 50 प्रस्तावित विमानतलों में शामिल किया गया है, जिनका विकास भारतीय विमानतल प्राधिकरण द्वारा करने की योजना है।
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पड़ोसी राज्य आन्ध्रप्रदेश के पश्चिमी गोदावरी जिले में गोदावरी नदी पर आन्ध्र सरकार की इंदिरा सागर (पोलावरम) परियोजना के अन्तर्गत शबरी नदी के किनारे सुरक्षात्मक तटबंध बनाने के आन्ध्र के प्रस्ताव का छत्तीसगढ़ ने तीव्र विरोध किया है। छत्तीसगढ़ सरकार का कहना है कि आन्ध्रप्रदेश द्वारा तटबंध निर्माण का प्रस्ताव गोदावरी ट्रिब्यूनल एवार्ड 1980 के प्रावधानों विपरीत है। छत्तीसगढ़ ने इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय में एक सिविल सूट भी दायर किया है। इसे ध्यान में रखकर छत्तीसगढ़ सरकार ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय द्वारा आयोजित तीन सदस्यीय विशेषज्ञ समिति की बैठक में भी हिस्सा नहीं लिया। छत्तीसगढ़ ने यह प्रकरण सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण इस बैठक के आयोजन का विरोध किया और अपनी ओर से केन्द्र सरकार को विरोध पत्र भी भेजा।

~  उद्योग-व्यापार जगत से जुड़े संगठन पी.एच.डी. (पंजाब, हरियाणा और दिल्ली) चेम्बर ऑफ कामर्स एण्ड इंडस्ट्रीज ने देश में न्यूनतम बेरोजगारी दर वाले राज्य के रूप में अपने प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए छत्तीसगढ़ का चयन किया है।


~ भारत सरकार ने वर्ष 2009 और वर्ष 2012 के बीच संयुक्‍त राष्‍ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) के सहयोग से सात राज्‍यों अर्थात बिहार, छत्‍तीसगढ़, झारखंड, मध्‍य प्रदेश, ओडिशा, राजस्‍थान और उत्‍तर प्रदेश में निर्धन लोगों के लिए न्‍याय तक पहुंच पर परियोजना कार्यान्वित की है।(८७ जिले)

~ राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने छत्तीसगढ़ के ढोकरा शिल्प श्री गोविन्द राम झारा को शिल्प गुरू सम्मान से सम्मानित किया। श्री झारा रायगढ़ जिले के ग्राम एकताल के निवासी है।


~ रतनपुर के काशीराम साहू (लहुरे) - छत्तीसगढ़ के लोक नाट्‌य के लिए उन्हें संगीत नाटक अकादेमी पुरस्कार-2011 मिला।

~ आजादी के सत्याग्रही व स्वतंत्रता सेनानी पं. सुंदरलाल शर्मा छत्तीसगढ़ी भाषा के समर्थ रचनाकार थे । उन्हें महात्मा गांधी जी ने हरिजन उद्धार के कार्यों से प्रभावित होकर उन्हें इस क्षेत्र का गुरु माना था । छत्तीसगढ़ सरकार उनकी स्मृति में हर साल साहित्य का पुरस्कार देती है 2 लाख नकद.  इस बार यह राज्य सरकार के निर्णायकों ने चुना है हिंदी और छत्तीसगढ़ी में समान रूप से गतिशिल जनवादी लेखक, कथाकार और अगासदिया के संपादक डॉ. परदेशी राम वर्मा, भिलाई को।


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२८ नवम्बर - छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस
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फेडरशन कप एथलेटिक्स 2011-12 , पटियाला
400 मीटर बाधा - जोसफ अब्राहम
4*400 - छग टीम
400 मीटर - पी . मोहम्मद

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प्रमुख  पदाधिकारी

राज्यपाल - महामहिम श्री शेखर दत्त
मुख्य न्यायधीश - माननीय दीपक गुप्ता 
महाधिवक्ता - संजय अग्रवाल 

विपक्ष  के नेता - श्री रविन्द्र चौबे

विधानसभा अध्यक्ष - श्री धरमलाल कौशिक

लोक लेखा समिति - श्री नन्द कुमार पटेल , ९ सदस्य 
प्राक्कलन समिति - देवजी भाई पटेल, ९ सदस्य 
लोक उपक्रम समिति - श्री नारायण चंदेल, ९ सदस्य 


छग योजना आयोग उपाध्यक्ष  - श्री शिवराज सिंह 
मुख्य सचिव - श्री सुनील कुमार
गृह सचिव - श्री एन. के. अग्रवाल 
वित्त सचिव - श्री अजय सिंह 
पुलिस महानिदेशक  - श्री राम निवास / श्री अनिल नवानी

सूचना आयोग - श्री अ. क. विजयवर्गी 

मुख्य सूचना आयुक्त - श्री सरजिअस मिंज 
लोक सेवा आयोग- श्री प्रदीप कुमार जोशी
लोक आयोग - श्री एल. साहू 
मुख्य निर्वाचन आयुक्त - श्री पी सी दलेई
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी - श्री सुनील कुजूर 
राजभाषा आयोग - दानेश्वर शर्मा

मानवाधिकार आयोग - जस्टिस श्री विजय शंकर चौबे 

राज्य महिला आयोग - श्रीमती विभा राव 
अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग - श्री सोमनाथ यादव 
अल्प संख्यक आयोग - श्री दिलीप सिंह होरा
अजजा आयोग - श्री देवलाल दुग्गा 
अजा आयोग - डॉ श्री कृष्ण मूर्ती बांधी 



छत्तीसगढ़ में प्रथम 
राज्यपाल- श्री दिनेश  नंदन  सहाय 
न्यायधीश  - जस्टिस  शेशाक 
विधानसभा अध्यक्ष - राजेंद्र प्रसाद शुक्ल  
अजजा आयोग - श्री राजेंद्र पामभोई 
लोक  आयोग - श्री के एम् अग्रवाल 
मानवाधिकार आयोग - श्री के . एम . अग्रवाल 
छग लोक सेवा आयोग- श्री मोहन शुक्ल  
महिला आयोग - श्रीमती  हेमवंत पोर्ते  
अल्पसंख्यक आयोग - इकबाल अहमद रिज़वी  


मृत्यु 
हबीब  तनवीर 
सत्यदेव दुबे 
सम्मान  
पद्मश्री - 
शमशाद बेगम 
फूलबासन बाई यादव 
पद्मभूषण  -
गोविन्दराम निर्मलकर