12.31.2012

नववर्ष मंगलमय हो ... सबके लिए !


कैसे आगे बढ़ जाएँ उसे लिए बिना ?

'दामिनी' ....

तुम ही दो हौसला ..!


जिंदगी रूकती नही .. खींच लेती है ..... अभी तो जैसे जबरदस्ती धकेल रही है .. चलो , चलो ! ठीक है , तो फिर चलो. 'दामिनी' न बने कोई ... फिर कोई 'दामिनी' न बने कोई .. चलो !






ना बाँट सके कोई हमको  सत्ता से ... धन से ... लोभ से .. छल से ..
हो अब चीत्कार का सत्कार ...
न हो उपद्रव उपद्रवी का ऐसा हो सज्जन का वार 
कि भारत भारतीयों का है .. न बाँट सके इसे जात-पांत की दिवार ..


ढोल बजे नगाड़े बजें कानों में जोर के 
कि आते हैं रखवाले दयनीय के
कि  मानव हो ... मानव का, पशु - पक्षी का, इस वसुंधरा का
कि  हों निर्भय सब 'निर्भया' जैसे ...
कि अब झूठे समाज का डर नहीं ..

आदि शक्ति और रूद्र मिल जाएँ अब ..
कि अब कृष्ण अवतार ले चुके हैं
कि कण-कण में राम सीना तान धनुष उठाए खड़े हैं
कि मिटेगी मिट्टी अब रूद्र के पाँव तले
कि अब नवनिर्माण होने को है
कि शान्ति के पहले की क्रांति अब होने को है

ऐसा है इस वर्ष का आग़ाज़ !



12.24.2012

सचिन तेंदुलकर ने एक दिवसीय क्रिकेट से संन्यास लिया


वनडे क्रिकेट में सचिन का रिकॉर्ड अविश्वसनीय सा लगता है. उन्होंने 463 वनडे मैच खेले जिसमें 452 पारियों में 18,426 रन बनाए.

वनडे क्रिकेट में किसी दूसरे खिलाड़ी ने अब तक इतने रन नहीं बनाए हैं. वनडे में सचिन का सर्वाधिक स्कोर है 200 रन.

सचिन का रन औसत 44.83 प्रतिशत है जो 463 मैचों के हिसाब से बेहतरीन कहा जाएगा.

इन मैचों में सचिन ने 49 शतक और 96 अर्धशतक भी लगाए हैं.

मैंने वनडे खेलों से संन्यास लेने का फैसला किया है. मैं बहुत अच्छा महसूस करता हूं क्योंकि मैं वनडे विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का सदस्य रहा हूं. 2015 के विश्व कप की तैयारियां अब शुरु होनी चाहिए."
- सचिन तेंदुलकर


















ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री जुलिया गिलार्ड ने घोषणा की कि इस महान भारतीय क्रिकेटर को ऑर्डर ऑफ ऑस्ट्रेलिया की सदस्यता से सम्मानित किया जाएगा। गैर- ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को यह सम्मान कभी-कभार ही दिया जाता है।

दक्षिण अफ्रीका में चैंपियन्स लीग ट्वेंटी-20 में खेल रहे तेंदुलकर यह सम्मान हासिल करने वाले केवल दूसरे भारतीय होंगे। इससे पहले पूर्व अटार्नी जनरल सोली सोराबजी को इससे सम्मानित किया जा चुका है। सोराबजी को 2006 में ‘ऑस्ट्रेलिया- भारत द्विपक्षीय कानूनी संबंधों के लिए’ ऑर्डर ऑफ ऑस्ट्रेलिया (एएम) का मानद सदस्य बनाया गया था। 

12.17.2012

अरब क्रांति: एक साल, दस पड़ाव


व्यापारी की आत्महत्या
17 दिसंबर 2010
मोहम्मद बूअज़ीज़ी नाम के ठेले पर सामान बेचने वाले ट्यूनीसियाई युवा ने ख़ुद आग क्या लगाई, पूरा अरब जगत हमेशा के लिए बदल गया.
बूअज़ीज़ी तीस साल से कम उम्र के उन युवा अरब नागरिकों में से एक थे जो यहां की कुल आबादी का 60 % हिस्सा है. यही लोग अरब क्रांति के अग्रदूत बने.
बूअज़ीज़ी के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने वाली पुलिस इंस्पेक्टर फ़एदा हाम्दी ने मुझे बताया, "पानी का गिलास लबालब भरा हुआ था. बूअज़ीज़ी इसमें एक बूंद की तरह गिरे और ये छलक गया."

बेन अली भागते हुए
14 जनवरी 2011
मोहम्मद बूअज़ीज़ी की मौत के बाद हफ़्तों तक भारी विरोध प्रदर्शन हुए. ट्यूनीसिया में लोगों के बीच भ्रष्टाचार, बढ़ते दामों, बेरोज़गारी और स्वतंत्रता की कमी को लेकर गुस्सा सड़कों पर उतर आया.
राष्ट्रपति बेन अली ने सुधारों का वादा करते हुए लोगों को शांत करने की कोशिश की लेकिन 23 साल तक सत्ता में रहने के बाद उन्हें सऊदी अरब भागना पड़ा. बाद में राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को गैर-मौजूदगी में ही सरकारी धन के दुरुपयोग के जुर्म में 35 साल की सज़ा सुनाई गई.

तहरीर चौक पर कब्ज़ा
28 जनवरी 2011
सारे मिस्र में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए और इस बीच प्रदर्शनकारियों ने काहिरा के बीचोबींच स्थित तहरीर चौक पर पुलिस के साथ झड़प के बाद कब्ज़ा कर लिया.
सत्ता छोड़ने से इंकार कर चुकी होस्नी मुबारक की सरकार के लिए ये एक बड़ी चुनौती थी. बहरहाल जब प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति के महल के बाहर पहुंच गए तब 12 फ़रवरी को होस्नी मुबारक अपना पद छोड़ने के लिए तैयार हो गए.
मिस्र अरबी जगत का सबसे अधिक आबादी वाला देश है और वहां तख़्ता पलटना सबसे मुश्किल माना जाता था. मिस्र की क्रांति ने यमन, बहरीन, लीबिया और बाद में सीरिया में विद्रोह को हवा दी.

बहरीन में सेना पहुंची
14 मार्च 2011
जैसे-जैसे बहरीन में प्रदर्शनों की तीव्रता बढ़ती गई, सऊदी अरब ने अपने पड़ोसी की सहायता के लिए हस्तक्षेप किया. शिया-बहुल बहरीन में सऊदी अरब का ये दख़ल अहम था.
सऊदी अरब इसे ईरान के साथ शीत युद्ध की तरह देख रहा था. उनका आरोप था कि बहरीन के शियाओं को ईरान भड़का रहा है.
मार्च 2011 के बाद से इस क्षेत्र में शिया-सुन्नी विभाजन तीख़ा होता जा रहा था. ब्रितानी थिंक टैंक चैटम हाउस के अनुसार बहरीन सांप्रदायिक हिंसा को खाड़ी के बाक़ी देशों में निर्यात कर रहा है.

त्रिपोली पर बमबारी
17 मार्च 2011
न्यूयॉर्क में सयुंक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद ने प्रस्ताव संख्या 1973 पारित किया. इसके प्रावधानों ने सदस्य देशों को लीबिया के नागरिकों की रक्षा के लिए 'सभी उचित क़दम उठाने' का अधिकार दे दिया. नेटो सदस्यों, विशेषकर फ़्रांस, ब्रिटेन और अमरीका ने इसका पूरा इस्तेमाल किया.
कुछ ही दिनों के भीतर बेनगाज़ी में कर्नल गद्दाफ़ी की सेनाओं पर हमले शुरू हो गए और उसके बाद त्रिपोली भी नेटो के निशाने पर आ गया.
गद्दाफ़ी ने धमकी दी कि 'चूहों' को घर-घर जाकर मार दिया जाएगा लेकिन संयुक्त राष्ट्र का प्रस्ताव उनकी सत्ता की मौत का वारंट साबित हुआ.

असद का भाषण
30 मार्च 2011
अपनी सत्ता के विरुद्ध पहले प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति बशर अल-असद ने सीरियाई संसद को संबोधित किया. लेकिन सुधारों के वादे के बजाय उन्होंने कहा कि पहला प्रदर्शन शांतिपूर्वक रहा है और ये विदेशी साज़िश के कारण हुआ है.
हांलाकि आबादी का कुछ हिस्सा उनपर भरोसा नहीं करता था लेकिन अल-असद कुछ हद तक लोकप्रिय नेता थे. अगर उन्होंने तब मान लिया होता कि लोगों का गुस्सा जायज़ है तो शायद वो सीरिया को अलग और शांतिपूर्ण भविष्य दे पाते.

गद्दाफ़ी की मौत
20 अक्तूबर 2011
हफ़्तों तक भागते रहने के बाद कर्नल गद्दाफ़ी को विद्रोही सैनिकों ने उनके गृह शहर सिर्ते में मार दिया. ये एक क्रूर व्यक्ति की हिंसक मौत थी.
अगर गद्दाफ़ी को ज़िंदा पकड़ कर उनपर मुकद्दमा चलाया जाता तो स्थिति कुछ और ही होती. मैंने जिस भी लीबियाई से बात की उसने गद्दाफ़ी की मौत का स्वागत किया. उन्हें यक़ीन था कि अब भविष्य के दरवाज़े उनके लिए खुल गए हैं.
दरअसल लीबिया में एक संपूर्ण क्रांति हुई है. कर्नल की सत्ता उनके परिवार और रिश्तेदारों के कब्ज़े में थी. जब परिवार और रिश्तेदार ख़त्म हो गए तो राज पाठ भी जाता रहा.

सालेह का इस्तीफ़ा
22 जनवरी 2012
33 साल सत्ता में रहने के बाद राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह ने देश छोड़ दिया. टीवी पर अपने भाषण में उन्होंने अपने कार्यकाल की कमियों के लिए माफ़ी मांगी.
खाड़ी सहयोग परिषद के साथ समझौते के तहत सालेह अमरीका चले गए. समझौते के अनुसार उनपर कोई मुकद्दमा नहीं चल सकता है.
लेकिन सालेह अपने पीछे गंभीर समस्याओं से जूझता देश छोड़ गए थे. यमन में खाद्य पदार्थों की कमी है. वहां पानी और तेल भी ख़त्म होता जा रहा है. इसके अलावा गृह युद्ध और अल-क़ायदा की मौजूदगी भी एक बड़ी समस्या है.

मोर्सी ने चुनाव जीता
24 जून 2012
मिस्र में हुए पहले स्वतंत्र राष्ट्रपति चुनावों में मुस्लिम ब्रदरहुड के मोहम्मद मोर्सी जीत गए.
देश के नए नेता को बड़ी सियासी और आर्थिक चुनौतियां विरासत में मिलीं थीं. सबसे बड़ी चुनौती लोगों को ये यक़ीन दिलाना थी कि मुस्लिम ब्रदरहुड उनकी समस्याओं का हल खोज सकता है.
अब तक अरब क्रांति का सबसे बड़ा लाभ इस्लामी दलों को हुआ है. लेकिन मिस्र के चुनावों के एक महीने बाद लीबिया के मतदाताओं ने बता दिया कि ज़रुरी नहीं है कि उनका वोट इस्लामी पार्टियों को ही जाए.

इसराइल गाज़ा संघर्ष
नवंबर 2012
14 नवंबर को इसराइल ने गज़ा पर ताज़ा हमला किया. अरब जगत में मची उथल-पुथल के बाद इसराइल और फलस्तीनियों के बीच ये पहला संघर्ष था.
इस घटना ने दिखा दिया कि अब क्षेत्र में समीकरण कितने बदल गए हैं. हमास को तुर्की, मिस्र और अन्य अरब देशों का खुला समर्थन मिला. उधर हमेशा की तरह पश्चिमी ताक़तें इसराइल के साथ खड़ी दिखीं. इसराइल ने अपनी सैन्य ताक़त भी दिखाई लेकिन उसे अब समझ आ गया कि मध्य-पूर्व के बदले हालात में उसके पास पहले जैसी स्वतंत्रता नहीं रही है.



सौजन्य - BBC हिंदी 

भारतीय शस्त्र अधिनियम की वर्तमान समय में प्रासंगिकता



लार्ड लिटन ने १८७८ ई में भारतीय शास्त्र अधिनियम पारित करवाया जिसके तहत हथियारों की खरीद, बिक्री और इस्तेमाल के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया.
सन्दर्भ - अमेरिका के कनेक्टिकट में न्यू टाउन स्कूल में एक छात्र द्वारा गोलीबारी की घटना जिसमे २८ लोग मारे गए . अमेरिका में हथियार सरलता से उपलब्ध हैं . इसके लिए लाइसेंस की आवश्यकता नही होती है.
लार्ड लिटन - 

-दिल्ली दरबार - १८७७ में भीषण अकाल के बावजूद रानी विक्टोरिया को केसरे हिन्द की उपाधि दी.

-लोक सेवा परीक्षा में प्रतियोगियों की आयुसीमा २१ से १९ वर्ष की .

-प्रेस की स्वतंत्रता समाप्त करने के लिए वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट लाया - मुख्यतः 'सोम प्रकाश ' को सीमित करने के लिए.

-उपनाम - ओवन मेरीडेथ


12.13.2012

पंडित रविशंकर

प्रख्यात भारतीय सितार वादक पंडित रविशंकर का नाम लाइफटाइम अचीवमेंट ग्रैमी अवार्ड के लिए नामित किया गया। कल अमेरिका में पंडित रविशंकर का निधन हो गया . 

पंडित रविशंकर को 1999 में 'भारत रत्न' से नवाजा गया था .

तीन बार के ग्रैमी पुरस्कार विजेता पंडित रविशंकर को इस साल 55वें ग्रैमी पुरस्कारों में लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरुस्कार के लिए चुना गया है. 

उनके एलबम ‘द लिविंग रूम सीजन्स पार्ट-1’ के लिये नामांकित किया गया था.

वर्ष 1986 से 1992 तक वह राज्यसभा के मनोनीत सदस्य रहे.



इंदिरा गांधी राष्‍ट्रीय विधवा पेंशन योजना (आईजीएनडब्‍ल्‍यूपीएस)

केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्‍य मंत्री श्री लालचंद कटारिया ने आज राज्‍य सभा में एक प्रश्‍न के लिखित उत्‍तर में बताया कि केन्‍द्र ने यह सूचित किया है कि इंदिरा गांधी राष्‍ट्रीय विधवा पेंशन योजना (आईजीएनडब्‍ल्‍यूपीएस) में इस वर्ष पहली अक्‍तूबर से सहायता राशि को 200 रू. से बढ़ाकर 300 रू. प्रतिमाह कर दिया गया है। उक्‍त योजना में अधिकतम आयु को भी 59 वर्ष से बढ़ाकर 79 वर्ष कर दिया गया है। अत: उक्‍त योजना 40-79 वर्ष के आयु समूह में विधवाओं के लिए मान्‍य है और भारत सरकार द्वारा निर्धारित मानदंडों के अनुसार गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों से संबंधित है। उन्‍होंने यह भी बताया कि पेंशन योजनाओं के तहत केन्‍द्रीय सहायता की राशि में संसाधनों की उपलब्‍धता के आधार पर समय-समय पर संशोधन किया जाता है। उन्‍होंने यह भी बताया कि राज्‍यों से यह सिफारिश की गई है कि वे अपने संसाधनों से कम-से-कम समान राशि का योगदान करें। 

12.10.2012

कावेरी जल विवाद

कर्णाटक और तमिलनाडु  के मध्य कावेरी नदी के पानी को लेकर विवाद का हल कावेरी मोनेटरिंग कमिटी  के निर्णय के बावजूद भी नही ख़त्म हुआ . 

CMC ने कर्णाटक को 12 TMC पानी तमिलनाडु को देने का आदेश दिया था परन्तु CMC के इस निर्णय से दोनों ही राज्य संतुष्ट नही थे। अंततः तमिलनाडु ने उपरी अदालत से निर्णय माँगा। अदालत ने कहा कि कमिटी एक विशेषज्ञ दल से बनी थी अतः उनके निर्णय के ऊपर निर्णय देना अनुचित होगा अतः सम्बंधित पक्ष स्वयं ही यह मामला निपटाएं। 

क्या है कावेरी जल विवाद ?
कावेरी नदी कनार्टक स्थित पश्चिमी घाट की ब्रह्मगिरी पहाड़ी के 'कोडागु' स्थान से निकलती है। कावेरी एक अंतर्राज्यीय नदी है। कर्नाटक और तमिलनाडु इस कावेरी घाटी में पड़नेवाले प्रमुख राज्य हैं। इस घाटी का एक हिस्सा केरल में भी पड़ता है और समुद्र में मिलने से पहले ये नदी कराइकाल से होकर गुजरती है जो पांडिचेरी का हिस्सा है। इस नदी के जल के बँटवारे को लेकर इन चारों राज्यों में विवाद का एक लम्बा इतिहास है। 




कावेरी नदी के बँटवारे को लेकर चल रहा विवाद 19वीं शताब्दी में शुरू हुआ। उस वक्त ब्रिटिश राज के तहत ये विवाद मद्रास प्रेसिडेंसी और मैसूर राज के बीच था। 1924 में इन दोनों के बीच एक समझौता हुआ। लेकिन बाद में इस विवाद में केरल और पांडिचारी भी शामिल हो गए। और यह विवाद और जटिल हो गया। भारत सरकार द्वारा 1972 में बनाई गई एक कमेटी की रिपोर्ट और विशेषज्ञों की सिफ़ारिशों के बाद अगस्त 1976 में कावेरी जल विवाद के सभी चार दावेदारों के बीच एक समझौता हुआ। 

यह समझौता तमिलनाडु के पक्ष में था अतः कर्णाटक ने समझौते का पालन नही किया और तमिलनाडु को ज्यादा पानी देने से इनकार कर दिया। कर्नाटक का तर्क है की कर्णाटक में कृषि पिछड़ी हुई है तथा कावेरी नदी का जायदा हिस्सा कर्णाटक में ही है। तमिलनाडु जहाँ पुरानी व्यवस्था रखना चाहता है वहीँ कर्णाटक ज्यादा पानी तमिलनाडु को देने के पक्ष में नही है। 

- कावेरी नदी पर स्थित प्रमुख नगर एवं बाँध भी देखें . 

12.05.2012

वर्जिन गैलेक्टिक

रिचर्ड ब्रोस्नोन के वर्जिन समूह की कंपनी ने अंतरिक्ष पर्यटन के लिए सब-ऑर्बिटल स्पेस्फाईट तैयार की है. अभी यह स्पेसक्राफ्ट अंतरिक्ष विज्ञान में खोज करने हेतु छोटे-छोटे सेटेलाईट भेज रहा है. तदुपरांत भविष्य में अंतरिक्ष पर्यटन की ओर बढ़ेगा. दिलचस्प बात यह है की सन २००४ से ही अंतरिक्ष में मानव पर्यटन के लिए लोगों की बुकिंग प्रारंभ की जा चुकी है.

वर्जिन गैलेक्टिक का मुख्यालय न्यू मैक्सिको , अमेरिका में है.

'स्पेस शिप टू' को भेजने के लिए मदरशिप है 'व्हाईट नाईट टू '  जो की दो हवाईजहाज को उनके बीच में स्पेस शिप टू को जोड़कर बनाया गया है. 'व्हाईट नाईट टू' स्पेस शिप टू के लिए लांच पेड का काम करेगा.

व्हाईट नाईट टू


स्पेस शिप टू SS 2 



$२,००,००० की फीस और $२०,००० की जमा राशी के साथ ही ५०० लोग इस उड़ान के लिए अपनी बुकिंग करा चुके हैं जिसमे ब्रेड पिट, अंजेलिना जोली, स्टीफन हॉकिन्स जैसे बड़े नाम शामिल हैं. एक फ्लाईट में ६ सदस्य होंगे जो पृथ्वी के वायुमंडल को छः मिनट में पार करके अपने केबिन में सुरक्षा बेल्ट खोल कर स्वतंत्र हो घूम सकेंगे.


11.27.2012


- 10th INDIA-ASEAN Summit , Nom Penh , 19 nov 2012 

With the US backing the initiative, Dr. Singh said the India-Myanmar-Thailand highway would be operational by 2016 thus opening North East India to South East Asia. He also spoke about another alternative route through central or north Myanmar to connect Guwahati to Hanoi. 

The Prime Minister pointed out that the importance of surface and sea connectivity with the east was being highlighted by the India-ASEAN car rally that will cover eight ASEAN countries over a route length of 8,000 kms and the sailing expedition by the naval ship Sudarshini which set off from Kochi.

अंतरिक्ष में सबसे अधिक समय बितानी वाली महिला भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स पृथ्वी पर लौट आई हैं.

  • कजाखिस्तान। अंतरिक्ष में करीब चार महीने से ज्यादा समय बिताने के बाद भारतीय मूल की अंतरिक्ष वैज्ञानिक सुनीता विलियम्स अपने दो अन्य साथियों फ्लाइट इंजीनियर जापान के अकीहिको होशिदे और रूस के यूरी मालेनचेंको के साथ सोमवार सुबह करीब 7 बजकर 30 मिनट पर सकुशल धरती पर पहुंच गई। उनका यान सोयूज टीएमए-05ए सुबह सकुशल कजाखिस्तान स्थित बैकानूर अंतरिक्ष केंद्र पर उतरा तो नासा में खुशी की लहर दौड़ गई। उन्होंने अंतरिक्ष में 127 दिन गुजारे जो किसी भी महिला अंतरिक्ष यात्री के लिए एक रिकार्ड है। सुनीता अंतरिक्ष में सबसे ज्यादा वक्त बिताने वाली महिला हैं। अब तक अंतरिक्ष में 322 दिन रहने का रिकॉर्ड बना चुकी हैं। इससे पहले 2006 में सुनीता ने 195 दिन अंतरिक्ष में बिताए थे। तब करीब 6 महीने तक उन्होंने इंटरनेशनल स्पेश स्टेशन पर काम किया था। इस बार अपने मिशन पर सुनीता अपने साथ मछली और मेंढक भी ले गई थी। दरअसल वैज्ञानिक ये जानना चाहते हैं कि अंतरिक्ष में जिंदगी पर क्या असर पड़ता है? इसके अलावा सुनीता की टीम ने स्पेस स्टेशन में आई कुछ तकनीकी दिक्कतों को भी ठीक किया।सुनीता के इस मिशन की खास बात ये रही कि इस दौरान उन्होंने तीन बार स्पेस वॉक किया। स्पेस वॉक बेहद मुश्किल होता है और इसके लिए कठिन तैयारी करनी पड़ती है। स्पेस वॉक के दौरान अंतरिक्ष यात्री स्पेस स्टेशन के बाहर जायजा लेते हैं और स्टेशन के बाहर आई तकनीकी गड़बड़ियों की मरम्मत करते हैं।इस बार सुनीता की टीम ने स्टेशन के बाहर लगी एक खराब पावर रेली को बदला। अगले साल यहां पहुंचने वाले रशियन लैबोरेट्री मॉड्यूल को स्टेशन से जोड़ने की तैयारी भी की। सुनीता अंतरिक्ष में 44 घंटे से ज्यादा देर तक स्पेस वॉक कर चुकी है। पहली यात्रा के दौरान सुनीता ने 4 बार स्पेस वॉक किया था।सुनीता और उनकी टीम के लौटने के साथ ही नासा का अगला मिशन एक्सपेडिशन 34 शुरू हो चुका है। 23 अक्टूबर को सोयूज यान 3 अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर स्पेस स्टेशन रवाना हुआ था। ये टीम अगले साल मार्च तक वहां रहेगी।

    ELECTION COMMISSION 
  • Syed Nasim Ahmad Zaidi takes charge as Election Commissioner .
  • V S Sampath - Chief Election Commissioner
  • H S Brahma is the other Election Commissioner.

* D R Mehta, famous for popularising Jaipur Foot has been selected for the 20th Rajiv Gandhi National Sadbhavana Award. The Award, which carries a citation and a cash award of five lakh rupees, is being given to him for his outstanding contribution towards promotion of communal harmony, peace and goodwill.

* नौवहन मंत्री श्री जी के वासन ने चैन्‍नई में 132 करोड़ लागत वाली स्‍वचालित पहचान प्रणाली (एआईएस) राष्‍ट्र को समर्पित की। प्रणाली के अंर्तगत पूरे समुद्री किनारों पर स्‍थि‍त प्रकाश-स्‍तंभों पर 74 संवेदी उपकरण लगाए जाएंगे। इन उपकरणों से किनारे से 50 कि.मी. दूर किसी भी जहाज का पता लगाया जा सकता है। इस प्रणाली का उद्देश्‍य जहाजों का पता लगाने, निगरानी, खोज और राहत कार्य के लिए बंदरगाहों, नौसेना और तटरक्षक दलों की मदद करना है।

*प्रणब मुखर्जी - देश के 14 वें राष्ट्रपति - 25.7.2012
UPA - संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के उम्मीदवार 
चुनाव में अन्य उम्मीदवार - श्री संगमा को भारी अंतर से हराया . कुल 69.3 % वोट हैसल किये। 
राष्ट्रपति पद की शपथ सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एच एस कपाडिया ने दिलाई। 

* Sucheta of Pune crossed Gobi Dessert in July 2011.

*अंतरिक्ष में भारत का शतक


श्रीहरिकोटा: आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र से रविवार (9 SEP 12 )को भारत के 100वें अंतरिक्ष अभियान के अंतर्गत उपग्रह प्रक्षेपण किया गया.
अपने 100 वें लांच में इसरो का पीएसएलवी रॉकेट फ्रांस के 720 किलो के सैटेलाइट स्पॉट-6 और 15 किलो वजन वाले जापान के नैनो सैटेलाइट को पृथ्वी की कक्षा में स्थापित करने के मिशन पर है.
डॉक्टर विक्रम साराभाई की कोशिशों से इसरो की स्थापना 15 अगस्त 1969 को हुई थी. इसरो ने 1975 में अपने पहले सेटेलाइट आर्यभट्ट को लांच करके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का सम्मान बढ़ाया था.
भारत ने अपने पहले उपग्रह आर्यभट्ट और एसएलवी की लांचिंग के बाद से अब तक 62 सेटेलाइट्स और 37 रॉकेट बनाए हैं.
2008 में चंद्रयान-1 [22 OCT 08 - 30 AUG 09] की सफलता के बाद सूरज के अध्ययन के लिए आदित्य मिशन भेजने की रूपरेखा तैयार की गई थी, आदित्य मिशन अब तक लांच नहीं हो सका.

ओम्कारेश्वर बाँध - खंडवा , मध्यप्रदेश बाँध में जल स्तर 189 m  करने के लिए नर्मदा बचाओ आन्दोलन के तहत विस्थापित गामीणों ने १७ दिन तक जल सत्याग्रह किया. 
इंदिरा सागर बाँध - हरदा में जल सत्याग्रह 

केरल के 52 वर्षीय कवि और लेखक जीत थाइल की पहली पुस्तक नार्कोपोलिस बुकर पुरस्कार-2012 के लिये नामांकित की गयी। नार्कोपोलिस और पाँच अन्य किताबों को जिन में तान त्वान एंग की द गार्डन ऑफ इवनिंग मिस्ट्स, डेबरा लेवी की स्वीमिंग होम, हिलरी मंटेल की ब्रिंग अप द बोडिस, एलिसन मूर की द लाइटहाउस और विल सेल्फ की अमब्रेलाशामिल हैं, दावेदारों की लंबी सूची से चुना गया है जो कि इस साल के जुलाई में जारी की गयी थी।

भारतीय मूल के लेखक कई बार बुकर पुरस्कार के विजेता बन चुके हैं। पिछली बार सन् 2008 में अरविंद अदिगा व्हाइट टाइगर नाम की किताब के लिये इस पुरस्कार से सम्मानित किये गये। और उस से पहले बुकर पुरस्कार किरण देसाई को द इन्हेरिटेंस ऑफ लॉस नाम के उपन्यास के लिये मिला था।

* Altamas Kabir - new CJI of SC succeed S H Kapadia .
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